अमेरिका को 34 लाख 'हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन' दवा दान देगी भारतीय मूल की कंपनी

अमेरिका को 34 लाख 'हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन' दवा दान देगी भारतीय मूल की कंपनी
Hydroxy chloroquine

हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति की बैचेनी के बीच एक भारतीय-अमेरिकी फार्मा कंपनी ने अमेरिका को 34 लाख हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवाएं दान में देने की घोषणा की है।

कंपनी हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा सबसे पहले उन अमेरिकी प्रांतों को मुहैया कराएगी, जहां हालात बेहद खराब हैं। न्यूजर्सी में चिराग और चिंटू पटेल की स्वामित्व वाली एमनील फार्मास्युटिकल्स अमेरिका के सबसे बड़े निर्माताओं में से एक है।

कोरोना की अब तक कोई दवा न होने से कई देश हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा का इस्तेमाल कोविड-19 के मरीजों पर कर रहे हैं। इसके अच्छे नतीजे भी आए हैं। इसका सबसे बड़ा निर्यातक भारत है।

इसी दवा से बची महिला अमेरिकी नेता की जान
मिशिगन राज्य से डेमोक्रेटिक पार्टी की विधायक कैरेन व्हिटसेट ने कोरोना वायरस से अपनी जान बचाने का श्रेय मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा ‘हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन’ को दिया है। ट्रंप ने खुद यह जानकारी साझा की।