राजस्थान में भाजपा के दो उम्मीदवारों ने बढ़ा दी कांग्रेस की मुश्किल

राजस्थान में भाजपा के दो उम्मीदवारों ने बढ़ा दी कांग्रेस की मुश्किल
Ashok gahlaut

मध्यप्रदेश और गुजरात के कांग्रेस विधायकों को सुरक्षा के लिहाज से राजस्थान में रखा जा रहा है जबकि राज्य के ही कांग्रेस विधायकों को लेकर पार्टी की चिंता बढ़ गई है। भाजपा के राजस्थान से दो उम्मीदवार उतारे जाने के बाद इस बात को बल मिला है कि कहीं कांग्रेस में टूटफूट और क्रॉस वोटिंग न हो जाए। कांग्रेस ने अपने दो महासचिव मुकुल वासनिक और हरीश रावत को राजस्थान में ही रहने के निर्देश दिए हैं।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की जिम्मेदारी न सिर्फ मध्यप्रदेश और गुजरात के विधायकों को संरक्षण देना है बल्कि अपने विधायकों की गिनती भी पूरी करानी है। तीन सीटों के लिए हो रहे चुनाव में वैसे तो कांग्रेस आसानी से दो सीट निकाल लेगी लेकिन केसी.वेणुगोपाल के अलावा दूसरे उम्मीदवार नीरज डांगी को लेकर पार्टी में एका नहीं है।

डांगी की उम्मीदवारी को लेकर कुछ विधायकों खुलकर विरोध भी दर्ज कराया था लेकिन अशोक गहलोत की पसंद पर केंद्रीय नेतृत्व ने भी मुहर लगा दी। दरअसल डांगी राज्य में तीन बार विधानसभा चुनाव हार चुके हैं। सूत्रों की मानें तो उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट भी डांगी की उम्मीदवारी को लेकर तैयार नहीं थे। केंद्रीय नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद वेणुगोपाल के साथ डांगी का भी नामांकन कराया गया है।

डांगी की उम्मीदवारी को लेकर कांग्रेस के भीतर नाराजगी को देखते हुए भाजपा ने दांव लगा दिया है। अपने विधायकों की संख्या के आधार पर भाजपा की एक सीट पक्की है। भाजपा ने पहले राजेंद्र गहलोत को उम्मीदवार बनाया था लेकिन बाद में दूसरे उम्मीदवार के रूप में ओंकार सिंह लखावत को मैदान में उतार कर कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और दो महासचिव मुकुल वासनिक और हरीश रावत को राजस्थान में ही रोक रखा है। वासनिक और रावत न सिर्फ दूसरे राज्यों से आए विधायकों की निगरानी में साथ-साथ हैं बल्कि राज्य में भी कांग्रेस नेताओं के बीच समन्वय बना रहे। भाजपा के दो उम्मीदवारों के दांव से निपटने के लिए दोनों नेता कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत के लिए रणनीति बना रहे हैं।

राजस्थान में भाजपा के दो उम्मीदवारों को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता अजय माकन का कहना है कि भाजपा मुंगेरी लाल के हसीन सपने देख रही है। हमारे विधायक पूरी तरह से तैयार हैं। कांग्रेस के उम्मीदवारों को पूरे वोट मिलेंगे। भाजपा अपने विधायकों को संभाले कहीं उनके इधर-उधर न हो जाएं।