PM Vishwakarma Yojana 2026: 30 लाख लाभार्थी पूरे, ₹15,000 Toolkit और ₹3 लाख तक Loan

पंजाब के राहों गांव में पारंपरिक तरीके से लोहे का काम करते कारीगर
पंजाब के राहों गांव में पारंपरिक लोहे का काम करते कारीगर। स्रोत: Wikimedia Commons | फोटो: Gurdeepdali | लाइसेंस: CC BY-SA 4.0

PM Vishwakarma Yojana 2026: प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए शुरू की गई केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है। इसका उद्देश्य ऐसे लोगों को पहचान, प्रशिक्षण, आधुनिक औजार, आसान शर्तों पर कर्ज और बाजार से जुड़ने में मदद देना है, जो अपने हाथों और पारंपरिक औजारों से काम करते हैं।

सितंबर 2026 में इस योजना ने एक महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा किया है। सरकार के अनुसार योजना के तहत 30 लाख लाभार्थियों का registration target पूरा हो चुका है। 17 सितंबर 2026 को योजना के तीन साल पूरे हुए। 16 सितंबर को जारी सरकारी जानकारी के अनुसार 15 सितंबर तक 24.37 लाख से अधिक कारीगर basic skill training पूरी कर चुके थे और 18.16 लाख से अधिक लोगों को toolkit मिल चुकी थी।

PM Vishwakarma Yojana क्या है?

PM Vishwakarma एक Central Sector Scheme है, जिसे पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को एक ही योजना के माध्यम से कई प्रकार की सहायता देने के लिए शुरू किया गया है।यह योजना केवल loan देने तक सीमित नहीं है। इसमें कारीगरों को पहचान पत्र और certificate, skill training, toolkit incentive, credit support, digital transaction incentive और marketing support जैसी सुविधाएँ दी जाती हैं।

योजना के तहत 18 पारंपरिक trades को शामिल किया गया है। इनमें बढ़ई, नाव बनाने वाले, लोहार, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, राजमिस्त्री, मोची, नाई, धोबी, दर्जी और मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले जैसे काम शामिल हैं।

योजना कब शुरू हुई?

PM Vishwakarma योजना की शुरुआत 17 सितंबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। यह दिन विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर था।

योजना के लिए वित्त वर्ष 2023-24 से 2027-28 तक ₹13,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसका लक्ष्य पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक साधनों, training, finance और market support से जोड़ना है।

2026 में क्या नया अपडेट है?

PM Vishwakarma Yojana 2026 में 30 लाख registration और योजना के प्रमुख आंकड़े
सितंबर 2026 तक PM Vishwakarma Yojana के registration, training, toolkit और loan से जुड़े प्रमुख आंकड़े। स्रोत: PIB, सितंबर 2026

सितंबर 2026 में PM Vishwakarma योजना के तीन साल पूरे होने के साथ कई महत्वपूर्ण आँकड़े सामने आए हैं।

सरकार के 16 सितंबर के अपडेट के अनुसार योजना का 30 लाख beneficiaries का registration target हासिल हो गया है। 15 सितंबर 2026 तक:

• 24.37 लाख से अधिक कारीगरों ने basic skill training प्राप्त की।

• 18.16 लाख से अधिक लोगों को toolkit दी गई।

• 6.19 लाख से अधिक loans sanction किए गए, जिनकी कुल राशि लगभग ₹5,316 करोड़ बताई गई।

• 8.11 लाख से अधिक beneficiaries को digital transaction incentive मिला।

Digital incentive के रूप में ₹42 करोड़ से अधिक राशि वितरित की गई।

• 12,000 से अधिक artisans को AI tools के इस्तेमाल की training दी गई, जिसका उपयोग branding, product design, packaging और marketing में किया जा सकता है।

18 सितंबर को जारी एक अन्य PIB अपडेट में भी 30 लाख registration और लगभग 24.50 लाख basic training का उल्लेख किया गया है।

कितनी आर्थिक मदद मिलती है?

योजना में eligible beneficiaries को अलग-अलग स्तर पर सहायता मिलती है।

Toolkit के लिए ₹15,000 तक

Basic skill training शुरू होने के समय eligible beneficiary को ₹15,000 तक का toolkit incentive e-voucher के रूप में दिया जाता है।इसका उद्देश्य कारीगरों को अपने काम के लिए बेहतर और आधुनिक औजार उपलब्ध कराना है।

₹3 लाख तक का Loan

PM Vishwakarma के तहत कुल ₹3 लाख तक का collateral-free Enterprise Development Loan दो चरणों में उपलब्ध है।

पहले चरण में ₹1 लाख तक का loan दिया जा सकता है। इसकी अवधि 18 महीने तक है।

दूसरे चरण में ₹2 लाख तक की अतिरिक्त credit support उपलब्ध है और इसकी अवधि 30 महीने तक है।

Loan पर concessional interest rate 5% निर्धारित है। दूसरे चरण का लाभ लेने के लिए पहले loan की repayment और digital transaction करने या advanced training पूरी करने जैसी शर्तें लागू होती हैं।

Training में क्या मिलता है?

योजना में कारीगरों को केवल पैसे या औजार देने के बजाय उनके skill को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया गया है।Basic training सामान्यतः 5 से 7 दिन की होती है, जबकि advanced training 15 दिन या उससे अधिक की हो सकती है।

Training के दौरान beneficiary को ₹500 प्रतिदिन का stipend दिया जाता है। Training में modern tools, बेहतर working practices, digital transactions, marketing और entrepreneurship से संबंधित जानकारी भी शामिल की जाती है।

Digital Payment पर भी Incentive

PM Vishwakarma में digital transactions को बढ़ावा देने के लिए भी incentive दिया जाता है।Eligible beneficiary को प्रत्येक eligible digital transaction पर ₹1 का incentive मिल सकता है। यह incentive अधिकतम 100 transactions प्रति महीने तक दिया जाता है।

इसका उद्देश्य छोटे कारीगरों को digital payment अपनाने और अपने कारोबार को औपचारिक तरीके से आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

Marketing में कैसे मदद मिलती है?

कई कारीगर अच्छा सामान बनाते हैं, लेकिन उनके पास बड़े बाजार तक पहुंचने का माध्यम नहीं होता। PM Vishwakarma में इस समस्या को भी ध्यान में रखा गया है।

योजना के तहत quality certification, branding, advertising और publicity जैसी सहायता के साथ e-commerce और GeM जैसे platforms से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। सितंबर 2026 की सरकारी जानकारी के अनुसार 30,000 से अधिक Vishwakarma beneficiaries को विभिन्न e-commerce platforms पर onboard किया जा चुका था।

कौन लोग आवेदन कर सकते हैं?

PM Vishwakarma मुख्य रूप से ऐसे 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए है जो अपने हाथों और औजारों से योजना में शामिल 18 trades में से किसी एक का काम करते हैं।आवेदक सामान्यतः असंगठित क्षेत्र में self-employed artisan/craftsperson के रूप में काम करता होना चाहिए। योजना के नियमों के अनुसार एक परिवार से केवल एक सदस्य को लाभ दिया जाता है। परिवार में पति, पत्नी और अविवाहित बच्चों को शामिल करके यह सीमा तय की गई है।

सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति और उसके परिवार के सदस्य इस योजना के लिए eligible नहीं हैं। साथ ही पिछले पांच वर्षों में कुछ समान credit-based सरकारी self-employment/business schemes का loan लेने से संबंधित शर्तें भी लागू होती हैं। हालांकि MUDRA या PM SVANidhi का loan पूरी तरह चुका चुके लाभार्थियों के लिए नियम अलग हो सकते हैं।

PM Vishwakarma में कितने काम शामिल हैं?

PM Vishwakarma Yojana में शामिल 18 पारंपरिक कारीगर और शिल्पकार trades
PM Vishwakarma Yojana में 18 पारंपरिक trades के कारीगरों और शिल्पकारों को शामिल किया गया है।

योजना के अंतर्गत 18 traditional trades हैं:

  1. बढ़ई
  2. नाव बनाने वाला
  3. कवच/हथियार बनाने वाला
  4. लोहार
  5. हथौड़ा और tool kit बनाने वाला
  6. ताला बनाने वाला
  7. सुनार
  8. कुम्हार
  9. मूर्तिकार/पत्थर तराशने वाला
  10. मोची/फुटवियर कारीगर
  11. राजमिस्त्री
  12. टोकरी, चटाई, झाड़ू और coir उत्पाद बनाने वाला
  13. पारंपरिक गुड़िया और खिलौने बनाने वाला
  14. नाई
  15. माला बनाने वाला
  16. धोबी
  17. दर्जी
  18. मछली पकड़ने का जाल बनाने वाला।

आवेदन कैसे किया जाता है?

PM Vishwakarma के लिए registration Common Service Centre यानी CSC के माध्यम से किया जा सकता है।आवेदन और verification के दौरान Aadhaar-based biometric authentication का इस्तेमाल किया जाता है।Registration के बाद verification की प्रक्रिया तीन स्तरों से गुजरती है:

पहला स्तर: ग्राम पंचायत या Urban Local Body की जांच।

दूसरा स्तर: District Implementation Committee द्वारा जांच और recommendation।

तीसरा स्तर: Screening Committee द्वारा final approval।

सरकार के अनुसार approved beneficiaries को PM Vishwakarma Certificate और ID Card भी दिया जाता है।

योजना का उद्देश्य क्या है?

PM Vishwakarma का मूल उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को उनकी पुरानी skills के साथ आधुनिक tools, training, finance और market opportunities से जोड़ना है।

इससे कारीगर अपने काम को केवल पारंपरिक पेशे के रूप में जारी रखने के बजाय उसे छोटे business या enterprise के रूप में भी विकसित कर सकते हैं।योजना के तहत beneficiaries को Udyam Assist Platform पर entrepreneurs के रूप में onboard करने की भी व्यवस्था है, जिससे वे formal MSME ecosystem से जुड़ सकें।

FAQ

1. PM Vishwakarma Yojana कब शुरू हुई?

यह योजना 17 सितंबर 2023 को शुरू हुई थी।

2. PM Vishwakarma Yojana किसने शुरू की?

योजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू किया था।

3. PM Vishwakarma में कितने trades हैं?

इस योजना में 18 traditional trades शामिल हैं।

4. PM Vishwakarma में toolkit के लिए कितने रुपये मिलते हैं?

Eligible beneficiary को ₹15,000 तक का toolkit incentive मिल सकता है।

5. PM Vishwakarma में कितना loan मिलता है?

योजना के तहत कुल ₹3 लाख तक का collateral-free loan दो चरणों में उपलब्ध है।

6. Loan पर ब्याज कितना है?

योजना के तहत concessional interest rate 5% तय की गई है।

7. Training के दौरान कितना stipend मिलता है?

Training के दौरान ₹500 प्रतिदिन का stipend दिया जाता है।

8. PM Vishwakarma में registration कैसे करें?

Registration Common Service Centre (CSC) के माध्यम से किया जाता है।

9. 2026 में PM Vishwakarma के कितने registration हुए?

सितंबर 2026 में सरकार ने बताया कि योजना का 30 लाख beneficiaries का registration target पूरा हो चुका है।

10. PM Vishwakarma में कौन आवेदन कर सकता है?

18 वर्ष या उससे अधिक उम्र का eligible traditional artisan/craftsperson, जो योजना में शामिल 18 trades में काम करता है और निर्धारित शर्तें पूरी करता है, आवेदन कर सकता है।

निष्कर्ष

PM Vishwakarma Yojana 2026 की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कारीगरों को केवल loan देने की जगह training, toolkit, credit, digital payment और market support को एक साथ जोड़ा गया है।सितंबर 2026 में योजना ने तीन साल पूरे किए और 30 लाख registration का लक्ष्य हासिल किया। साथ ही लाखों कारीगर basic training और toolkit support प्राप्त कर चुके हैं। इसलिए पारंपरिक काम करने वाले eligible कारीगरों के लिए योजना की eligibility और registration से जुड़ी जानकारी जानना महत्वपूर्ण हैं।

नोट: योजना के लाभ और eligibility के नियम समय के साथ सरकारी निर्देशों के अनुसार बदल सकते हैं। आवेदन या किसी financial decision से पहले PM Vishwakarma के आधिकारिक portal/CSC से नवीनतम जानकारी जरूर जांचें।

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