Jharkhand Student Protest Today: JSSC-CGL रद्द होने के बाद भी क्यों जारी है आंदोलन? CBI जांच और पेपर लीक का नया अपडेट

झारखंड विधानसभा भवन, रांची।
Photo Credit:Jayantamitra980 / Wikimedia Commons (CC0 1.0)

Jharkhand Student Protest Today: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और JSSC-CGL पेपर लीक विवाद को लेकर शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन भर्ती व्यवस्था और राज्य की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया। छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई समेत कई मांगें उठाईं। इस दौरान विधानसभा मार्च, पुलिस कार्रवाई और ABVP कार्यकर्ताओं की हिरासत का मामला भी सामने आया।

अब इस पूरे विवाद में बड़ा बदलाव आ चुका है। झारखंड सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के साथ TDPL से जुड़ी अन्य भर्ती परीक्षाओं और परिणामों को भी रद्द करने का फैसला लिया। इसके बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी, लेकिन CBI जांच की मांग और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। वहीं, JSSC-CGL पेपर लीक मामले में जांच और पूछताछ का दौर भी जारी है।

Jharkhand Government News: JSSC-CGL विवाद के बाद छात्रों का गुस्सा क्यों बढ़ा?

झारखंड विधानसभा की ओर मार्च करते छात्र प्रदर्शनकारी, सामने पुलिस द्वारा बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकते हुए दृश्य।
झारखंड विधानसभा की ओर मार्च करते छात्र प्रदर्शनकारी, जिन्हें पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोकने की कोशिश की।

झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का आंदोलन JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर शुरू हुआ था। छात्रों का कहना था कि वर्षों की मेहनत के बाद अगर भर्ती परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं, तो इससे हजारों उम्मीदवारों के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था पर भरोसे पर असर पड़ता है।25 जुलाई से शुरू हुआ आंदोलन अगस्त में तेज हुआ और छात्रों ने परीक्षा रद्द करने, कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच, भर्ती प्रक्रिया में सुधार और CBI जांच समेत कई मांगें उठाईं। 10 अगस्त के विधानसभा मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद विवाद और बढ़ गया।

इसके बाद 17 अगस्त को झारखंड सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और TDPL से जुड़ी परीक्षाओं, परिणामों तथा चयन प्रक्रियाओं को निरस्त करने का बड़ा फैसला लिया। साथ ही 2014 से हुई सरकारी भर्ती परीक्षाओं की जांच की बात कही गई। हालांकि, छात्रों की CBI जांच की मांग पूरी तरह खत्म नहीं हुई और इसके बाद भी परीक्षा विवाद को लेकर जांच व कार्रवाई का दौर जारी है।

JPSC-JSSC विवाद में अब छात्रों की मुख्य मांगें क्या हैं?

JPSC-JSSC Reform Manch से जुड़े अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। JSSC-CGL रद्द होने और TDPL से जुड़ी परीक्षाओं पर सरकार की कार्रवाई के बाद भी छात्रों की CBI जांच की मांग प्रमुख मुद्दा बनी हुई है।

छात्रों का कहना है कि कथित अनियमितताओं की जांच ऐसी स्वतंत्र एजेंसी या समिति से होनी चाहिए, जिस पर अभ्यर्थियों को भरोसा हो। वहीं, सरकार ने 2014 के बाद हुई सरकारी भर्ती परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों की जांच का आदेश दिया है और CID की जांच फिलहाल जारी है। 5 सितंबर तक जांच में कई संदिग्धों से पूछताछ और गिरफ्तारियां भी सामने आ चुकी हैं।

JSSC-CGL विवाद में सरकार ने अब तक कौन-कौन से फैसले लिए हैं?

झारखंड सरकार ने छात्रों के आंदोलन के बाद JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के साथ TDPL द्वारा कराई गई भर्ती परीक्षाओं, उनसे जुड़े परिणामों और चयन प्रक्रियाओं को भी रद्द करने का फैसला लिया। इसके अलावा 2014 के बाद हुई भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए CID को जिम्मेदारी दी गई और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए भी कदम उठाने की बात कही गई।

हालांकि, सरकार के इस फैसले के बाद मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC-CGL और कुछ अन्य परीक्षाओं से जुड़ी नियुक्तियां रद्द करने के सरकारी आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसकी अगली सुनवाई 15 सितंबर को निर्धारित है। दूसरी ओर, CID की जांच लगातार आगे बढ़ रही है और 4 सितंबर को CID की टीम ने JSSC कार्यालय पहुंचकर दस्तावेजों की जांच और अधिकारियों से पूछताछ की।

झारखंड बंद और छात्र आंदोलन का क्या असर पड़ा?

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में 11 अगस्त को बुलाए गए झारखंड बंद के दौरान राज्य के कई हिस्सों में सड़क यातायात, बाजार और सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई थीं। इसके बाद JPSC-JSSC भर्ती विवाद ने छात्र संगठनों के साथ-साथ राज्य की राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बना लिया।आंदोलन के दबाव के बीच सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और TDPL से जुड़ी भर्ती परीक्षाओं पर कार्रवाई का फैसला लिया। हालांकि, हाईकोर्ट की ओर से सरकारी फैसले पर अंतरिम रोक और CBI जांच की मांग के चलते विवाद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

17-18 अगस्त को झारखंड सरकार ने JSSC-CGL को लेकर क्या बड़ा फैसला लिया?

17 अगस्त को झारखंड सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने का बड़ा फैसला लिया। इसके साथ ही TDPL द्वारा कराई गई भर्ती परीक्षाओं, उनसे जुड़े परिणामों और चयन प्रक्रियाओं को भी रद्द करने की कार्रवाई की गई। सरकार ने 2014 के बाद हुई भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की बात भी कही।सरकार के फैसले के बाद 18 अगस्त को छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो समेत कुछ प्रदर्शनकारियों ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। हालांकि, परीक्षा रद्द होने से JSSC-CGL पास कर चुके करीब 2,000 अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर भी चिंता सामने आई।

बाद में इस फैसले को कानूनी चुनौती मिली और झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC-CGL समेत संबंधित परीक्षाओं की नियुक्तियां रद्द करने के सरकारी आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। इस कारण सितंबर 2026 में भी मामला कानूनी प्रक्रिया और जांच के दौर में है।

JSSC-CGL रद्द होने के बाद छात्रों की नई मांगें क्या हैं और आंदोलन की स्थिति क्या है?

छात्रों का शांतिपूर्ण भूख हड़ताल प्रदर्शन, हाथों में मांगों से जुड़े पोस्टर लिए बैठे प्रदर्शनकारी
छात्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शांतिपूर्ण भूख हड़ताल और धरना प्रदर्शन करते हुए।

JSSC-CGL रद्द होने और TDPL से जुड़ी परीक्षाओं पर सरकार की कार्रवाई के बाद कुछ छात्र नेताओं ने अपना आंदोलन और भूख हड़ताल समाप्त कर दी। हालांकि, भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्रों की कुछ मांगें अब भी बनी हुई हैं।

छात्रों की प्रमुख मांगें:

• JSSC-CGL विवाद की CBI से जांच कराई जाए।

• भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।

• कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो।

• रद्द की गई परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर स्पष्ट समाधान दिया जाए।

• आगामी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं की रोकथाम के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जाए।

इस बीच झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC-CGL से जुड़े सरकार के रद्दीकरण आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। ऐसे में परीक्षा और नियुक्तियों को लेकर अंतिम स्थिति फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर है।

निष्कर्ष: JSSC-CGL विवाद में अब आगे क्या होगा?

झारखंड का JPSC-JSSC छात्र आंदोलन अब एक नए चरण में पहुंच चुका है। सरकार के JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और TDPL से जुड़ी भर्ती परीक्षाओं पर कार्रवाई के फैसले के बाद कुछ छात्र नेताओं ने अपना आंदोलन और भूख हड़ताल समाप्त की, लेकिन CBI जांच, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़े सवाल अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं।

इस बीच झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार के संबंधित रद्दीकरण आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। ऐसे में JSSC-CGL और उससे जुड़ी नियुक्तियों को लेकर आगे की स्थिति अदालत की सुनवाई पर निर्भर करेगी। मामले में अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को होनी है।

नोट: इस लेख में छात्रों, सरकार, पुलिस और अन्य पक्षों से जुड़े दावों को उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और सार्वजनिक जानकारी के आधार पर प्रस्तुत किया गया है। जांच में सामने आए आरोपों को अदालत या सक्षम जांच एजेंसी द्वारा अंतिम रूप से प्रमाणित किए जाने तक सिद्ध तथ्य नहीं माना जाना चाहिए

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