Abhijeet Dipke CJP National Convener: Cockroach Janta Party (CJP) एक बार फिर चर्चा में है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को National Convener की जिम्मेदारी मिलने के बाद संगठन ने अपनी राष्ट्रीय टीम और संगठनात्मक ढांचे को आगे बढ़ाया। शिक्षा, रोजगार और छात्र मुद्दों को लेकर सक्रिय CJP ने ‘Kya Bolti Public’ जैसे अभियान के जरिए युवाओं और आम लोगों तक पहुंच बनाने की कोशिश की। हालांकि, सितंबर 2026 में संगठन के भीतर मतभेद और CJP-D के गठन ने CJP के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। ऐसे में जानना जरूरी है कि Abhijeet Dipke कौन हैं, CJP क्या है, संगठन अब तक क्या कर चुका है और CJP-D की एंट्री के बाद इसकी आगे की दिशा क्या होगी।
अभिजीत दीपके बने CJP के National Convener
Cockroach Janta Party की ओर से घोषित नई राष्ट्रीय टीम में अभिजीत दीपके को नेशनल कन्वीनर बनाया गया है। संगठन के मुताबिक, यह कदम पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और देशभर में अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
नई National Working Committee में अलग-अलग पदों के लिए जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, CJP के प्रवक्ताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को Co-Conveners की जिम्मेदारी दी गई है।
इस घोषणा के बाद अभिजीत दीपके की भूमिका संगठन के भीतर और महत्वपूर्ण हो गई है। अब उनके सामने CJP की गतिविधियों को राष्ट्रीय स्तर पर व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने की चुनौती होगी।
कौन हैं Abhijeet Dipke?
अभिजीत दीपके मूल रूप से महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद) से ताल्लुक रखते हैं। पेशे से वह पॉलिटिकल कम्युनिकेशन और रणनीति के क्षेत्र में काम कर चुके हैं। अपनी शुरुआती पढ़ाई के बाद उन्होंने पुणे में जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी की। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने अमेरिका का रुख किया, जहां उन्होंने बॉस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में Master of Science की डिग्री हासिल की। बाद में उन्होंने अपने कम्युनिकेशन और राजनीतिक अनुभव का इस्तेमाल करते हुए Cockroach Janta Party की स्थापना की।
अभिजीत दीपके CJP के संस्थापक हैं और पिछले कुछ महीनों में सोशल मीडिया तथा युवाओं से जुड़े मुद्दों के कारण चर्चा में आए हैं। CJP की शुरुआत एक व्यंग्यात्मक और डिजिटल राजनीतिक आंदोलन के तौर पर हुई थी, लेकिन बाद में संगठन ने शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सार्वजनिक अभियान और प्रदर्शन भी किए।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दीपके का राजनीतिक संचार और सोशल मीडिया से जुड़ा अनुभव भी रहा है। इसी वजह से CJP की ऑनलाइन मौजूदगी को तेजी से बढ़ाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
क्या है Cockroach Janta Party यानी CJP?

Cockroach Janta Party (CJP) एक युवा-केंद्रित राजनीतिक संगठन/आंदोलन के रूप में सामने आया है। इसकी पहचान शुरुआत में सोशल मीडिया और व्यंग्यात्मक राजनीतिक कंटेंट के जरिए बनी।बाद में संगठन ने शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों को अपने अभियानों का हिस्सा बनाया। CJP ने इन मुद्दों को लेकर सार्वजनिक प्रदर्शन भी किए हैं। जून में संगठन ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा और परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया था।
CJP की गतिविधियों में सोशल मीडिया की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही है। संगठन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों तक पहुंच बनाने के साथ-साथ सार्वजनिक अभियानों और विरोध प्रदर्शनों के माध्यम से भी अपनी बात रखने की कोशिश करता रहा है।
शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर CJP का फोकस
Cockroach Janta Party (CJP) के प्रमुख मुद्दों में शिक्षा, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े सवाल लगातार बने हुए हैं। संगठन ने ‘Kya Bolti Public’ अभियान के जरिए इन मुद्दों को देशभर में लोगों के बीच ले जाने और खासकर युवाओं की समस्याओं को सीधे समझने की बात कही है। CJP का कहना है कि शिक्षा को अधिक सुलभ और किफायती बनाने तथा रोजगार के बेहतर अवसरों की कमी जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा जरूरी है।
अभिजीत दीपके की हालिया गतिविधियों में भी छात्र और शिक्षा से जुड़े मुद्दे दिखाई दिए हैं। सितंबर 2026 में उन्होंने नासिक में आंदोलन कर रहे आदिवासी छात्रों से मुलाकात की और सरकारी स्कूलों में शिक्षा, भोजन तथा बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी उनकी समस्याओं का समर्थन किया। दीपके ने छात्रों से स्वास्थ्य को देखते हुए भूख हड़ताल खत्म करने और अपनी मांगों को लेकर आंदोलन को मुंबई तक ले जाने की अपील भी की।
इससे CJP की मौजूदा गतिविधियों में शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों की भूमिका और स्पष्ट होती है। संगठन अब केवल सोशल मीडिया या सार्वजनिक बयानों तक सीमित रहने के बजाय अलग-अलग छात्र और युवा मुद्दों को व्यापक स्तर पर उठाने की कोशिश करता दिखाई दे रहा है।
क्या है ‘Kya Bolti Public’ अभियान?
Cockroach Janta Party (CJP) ने ‘Kya Bolti Public’ को देशभर में चलाए जाने वाले public outreach और listening campaign के तौर पर पेश किया है। इसके जरिए संगठन अलग-अलग इलाकों में युवाओं और आम लोगों से सीधे बातचीत करके उनकी समस्याओं और प्राथमिकताओं को समझने की कोशिश कर रहा है। अभियान का उद्देश्य केवल CJP का संदेश लोगों तक पहुंचाना नहीं, बल्कि जनता से मिले मुद्दों और सुझावों को आगे की गतिविधियों में शामिल करना भी बताया गया है।
इस अभियान में शिक्षा और रोजगार को महत्वपूर्ण मुद्दों के तौर पर रखा गया है। CJP ने शिक्षा सुधार, शिक्षा को रोजगार से जोड़ने और युवाओं से जुड़े सवालों पर व्यापक चर्चा की बात कही है। इसके अलावा संगठन ने शासन और विभिन्न संस्थानों की जवाबदेही जैसे मुद्दों को भी अपने एजेंडे में शामिल करने के संकेत दिए हैं।
अभियान के साथ CJP ने अपनी राष्ट्रीय स्तर की सदस्यता बढ़ाने और संगठन को अलग-अलग राज्यों तथा शहरों तक विस्तार देने की योजना भी बताई थी। संगठन का कहना है कि फिलहाल उसका फोकस public pressure group के रूप में मुद्दों को उठाने पर है और तत्काल चुनावी राजनीति में उतरने की योजना नहीं है।
अभिजीत दीपके के सामने बड़ी चुनौतिया?
National Convener के रूप में अभिजीत दीपके के सामने अब CJP को देशभर में मजबूत करने के साथ संगठन के भीतर एकजुटता बनाए रखने की भी चुनौती है। नई National Working Committee के जरिए संगठनात्मक विस्तार की कोशिश के बीच सितंबर में CJP-D के गठन से सामने आए मतभेद CJP के लिए एक नई चुनौती बन गए हैं।
आने वाले समय में दीपके के लिए यह महत्वपूर्ण होगा कि CJP शिक्षा, रोजगार और छात्र मुद्दों से जुड़े अपने अभियानों को आगे बढ़ाते हुए युवाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत रखे और संगठन की राजनीतिक भूमिका को लेकर स्पष्टता बनाए रखे।
युवाओं के बीच CJP की पकड़ कितनी मजबूत?
CJP ने शिक्षा, रोजगार और छात्र मुद्दों के जरिए युवाओं के बीच अपनी पहचान बनाने की कोशिश की है। ‘Kya Bolti Public’ अभियान के जरिए संगठन अब लोगों और युवाओं से सीधे जुड़ने पर जोर दे रहा है।हालांकि, CJP-D के अलग गुट के सामने आने के बाद संगठन के लिए युवाओं के बीच अपनी पकड़ और समर्थन बनाए रखना नई चुनौती है। आने वाले समय में CJP की जमीनी गतिविधियां और युवाओं की भागीदारी इसकी वास्तविक पहुंच को तय करेंगी।
CJP में फूट, सामने आया CJP-D
सितंबर 2026 की शुरुआत में Cockroach Janta Party (CJP) में आंतरिक मतभेद सामने आए। पूर्व CJP कार्यकर्ता मनीष ब्रह्मभट्ट ने 3 सितंबर को Cockroach Janta Party-Democratic (CJP-D) नाम से अलग संगठन/गुट लॉन्च किया। उन्होंने CJP के मौजूदा नेतृत्व पर जमीनी कार्यकर्ताओं को पर्याप्त महत्व नहीं देने और संगठन के संचालन को लेकर सवाल उठाए हैं।
वहीं, CJP के संस्थापक और National Convener अभिजीत दीपके ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने CJP को छात्रों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित संगठन बताते हुए किसी राजनीतिक दल की ‘B Team’ होने के आरोपों से भी इनकार किया।CJP-D के सामने आने के बाद अब CJP के लिए संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखना और युवाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत रखना अहम चुनौती बन गई है। इस घटनाक्रम का संगठन की आगे की गतिविधियों और विस्तार पर क्या असर पड़ता है, यह देखने वाली बात होगी।
CJP ने 5 सितंबर का दिल्ली मार्च क्यों रद्द किया?
CJP ने 5 सितंबर को इंडिया गेट से नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक प्रस्तावित मार्च का ऐलान किया था। संगठन का कहना था कि जुलाई में छात्र आंदोलन वापस लेने के दौरान सरकार की ओर से किए गए वादों, खासकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने और प्रभावित परिवारों को राहत देने से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई है।
हालांकि, 1 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद CJP ने यह मार्च रद्द कर दिया। कोर्ट ने जुलाई के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े छात्रों के खिलाफ दर्ज FIRs को खत्म करने की अनुमति दी और NEET विवाद से प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे से जुड़ी प्रक्रिया पर भी निर्देश दिए। इसके बाद CJP ने 5 सितंबर का प्रस्तावित प्रदर्शन आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया।
CJP-D के बाद क्या है CJP का भविष्य?
CJP के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती संगठन को एकजुट रखते हुए शिक्षा, रोजगार और छात्र मुद्दों पर अपनी गतिविधियां जारी रखना है। ‘Kya Bolti Public’ अभियान के जरिए संगठन देशभर में युवाओं और आम लोगों से जुड़ने की योजना पर काम कर रहा है।
वहीं, CJP-D के अलग गुट के सामने आने से अभिजीत दीपके के नेतृत्व वाली CJP के लिए संगठनात्मक विस्तार और अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखना अहम हो गया है। आने वाले समय में जमीनी अभियानों, युवाओं की भागीदारी और संगठन की आगे की रणनीति से तय होगा कि CJP अपनी मौजूदा स्थिति को कितना मजबूत कर पाती है।